Wednesday, 13 June 2012

प्यार के सफर में




प्यार के सफर में,
विश्वास की डगर में , 
तुम मुझ को मिले, 
मेरे लिए यह काफी है . 
मैं न मंदिर गया 
न मैं मस्जिद गया ,
मैं न गिरजे गया , 
न मैं गुरुद्वारे गया .
तुम मुझ को मिले ,
देव सारे मिले ,
मेरे लिए यह काफी है. 
प्यार के......................

मैं न गंगा नहाया , 

न मैं यमुना नहाया ,
मैं न कृष्णा नहाया , 
न मैं कावेरी नहाया .
तुम मुझ को दिखे , 
अभिषेक सारे हुए ,
मेरे लिए यह काफी है .
प्यार के......................

मैं न गोकुल गया , 

न वृन्दावन को गया, 
मैं न काशी गया ,
न मैं गया को गया .
तुम मेरे हुए , 
तीर्थ सारे हुए ,
मेरे लिए काफी है .
प्यार के......................

मैं द्वारे तुम्हारे ,

दस्तक देता रहा, 
तुम रूठे रहे ,
मैं मनाता रहा.

तुम हंस के चल दिए ,
हम हलके हो गये ,
मेरे लिए यह काफी है. 
प्यार के......................

No comments:

Post a Comment