जय श्री कृष्ण
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संवेदना तो मर गयी है
एक आंसू गिर गया था , एक घायल की तरह . तुम को दुखी होना नहीं , एक अपने की तरह . आँख का मेरा खटकना , पहले भी होता रहा . तेरा बदलना चुभ र...
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दूर क्यों खड़े , आओ बात तो करें. संवाद के लिए , मुलाकात तो करें. सूनी - सूनी सांज, उदास है प्रभात , दिग्भ्रमित है दिन , बर्फ सी ...
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नद-श्रोत सम यूथ , बढ़ते बढाते हुए , कपिराज समक्ष हो , मिलते मिलाते हैं . कपि-ऋक्ष मिल कर , संत्रास को कहते हैं, ...
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रोशनी सूरज से लिए मैं चला हूँ . मैं धरा का पुत्र हूँ धरा पर पला हूँ . छल-छंद सारे , जानता हूँ , मैं निशा के. षड्यंत्र सारे , जानता ...
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