Monday, 14 November 2011

बच्चा काहे दौड़ता है ?


अब्बा दौड़े अम्मी दौड़े 
बच्चा काहे दौड़ता है ?

माना मैंने अब्बा पर ,
घर का सारा बोझ है.
रुक जाएगा तो मानो,
अब्बा घर पर बोझ है.

माना मैंने अम्मी को ,
घर पर पूरी खपती है,
घर पर पाँच जने बैठे,
सब को लेकर पचती है.

घर में बच्चा खेलना था,
वह बूढ़े सा लगता है,
बेमौसम पौधे को ,
पतझड़ काहे रोंदता है ?

अब्बा दौड़े अम्मी दौड़े
बच्चा काहे दौड़ता है ?


अब्बा की बेचेनी देख ,
हाथ बढ़ाने बढ़ता बच्चा ,
अम्मा की टूटन को देख ,
समझा बनता घर में बच्चा.

बेरा बनता ,कूली बनता ,
हॉकर बनता प्यारा बच्चा ,
मोची बनता, माली बनाता , 
नोकर बनता कच्चा बच्चा .


घर में बच्चा झूलना था ,
वह डोलता सा लगता है,
अभी पौधा निकला ही है,
पाला काहे मारता है ?





















No comments:

Post a Comment