Saturday, 27 October 2012



(१)
गूंगी सितार ,
अब गाने है लगी ,
जो तूने छुआ.

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(२)
भाप सा उड़ा ,
चट "मैं" का घमंड,
सूरज आया.

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(३)
रोटी का स्वाद ,
भरा पेट क्या जाने ,
भूख बताये.

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(४)
लूट कर लाया ,
पराया मालमत्ता ,
नींद दे आया .

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( ५ )
पंचम स्वर ,
जो सावन में अंधी
कोयल गाये .

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