जिस पथ पर ,चल दिए ,
लोटना मुश्किल है.
ले लिया, संकल्प जो ,
तोड़ना मुश्किल है.


कब कहा ? 
लोट-आ , लोट-आ .
कब कहा ?
भूल -जा, भूल-जा .
पर हमारे लिए ,
मुश्किलें बहुत है ,
ना लोट सकते, 
ना भूल सकते ,
छवि दिल में, बिठाई जो ,
हटाना मुश्किल है.

जिस पथ पर ,चल दिए ,
लोटना मुश्किल है.








Comments

Popular posts from this blog

सावन के अंधे को, हरा ही हरा , नज़र आता है.

संवेदना तो मर गयी है

ब्रह्म-राक्षस