साफ झील में ,


आज के हाइकू-
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अब कौओं ने ,
हंस-चाल सीखली ,
लूट मचाने .
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साफ झील में ,
उतर हैं बगुले ,
मछली देखी.
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श्येन देखता
मौज का अवसर,
गर्म गोस्त है.
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ध्यान सिखाये ,
अजगर आ कर ,
चूहों की बस्ती.
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दांत दिखाती ,
गिलहरी चिल्लाई,
सांप भागता.
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-              त्रिलोकी मोहन पुरोहित.

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